॥ श्री चारभुजा नाथाय नमः ॥
॥ श्री चारभुजा नाथाय नमः ॥
  • दर्शन: प्रातः 5:00 – रात्रि 10:00
  • +91 00000 00000
  • भीलवाड़ा, राजस्थान
॥ श्री चारभुजा नाथाय नमः ॥

श्री चारभुजा नाथ जी के पावन धाम में आपका स्वागत है

भगवान श्री चारभुजा नाथ जी के पावन धाम में आपका स्वागत है। श्रद्धा, भक्ति और सनातन परंपरा से जुड़े इस दिव्य स्थान के दर्शन कर अपने जीवन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भरें।

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श्री चारभुजा नाथ जी मंदिर
500+ वर्ष की
परंपरा
हमारे आराध्य

श्री चारभुजा नाथ जी

चारभुजा नाथ जी भगवान विष्णु का चतुर्भुज स्वरूप हैं, जिनके चारों हाथों में शंख, चक्र, गदा और पद्म सुशोभित हैं। मेवाड़ और राजस्थान की धरती पर सदियों से यह धाम श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है।

परंपरा के अनुसार यहाँ की प्रतिमा अत्यंत प्राचीन मानी जाती है और पीढ़ियों से भक्त अपनी मनोकामनाएँ लेकर प्रभु के दरबार में आते रहे हैं। नित्य आरती, भोग, श्रृंगार और उत्सवों की अखंड परंपरा आज भी उसी भाव से निभाई जाती है।

भक्तों का विश्वास है कि सच्चे मन से किया गया एक दर्शन भी जीवन में शांति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा भर देता है।

“भक्त की श्रद्धा ही प्रभु तक पहुँचने का सबसे सरल मार्ग है।”
मंदिर का इतिहास जानें
0+वर्षों की आध्यात्मिक विरासत
0 लाख+श्रद्धालु
0दिन प्रतिदिन दर्शन
0+वार्षिक धार्मिक आयोजन
श्री चारभुजा नाथ जी के आज के दर्शन
आज के दिव्य दर्शन

श्री चारभुजा नाथ जी के आज के दर्शन

🪔 आज के दर्शन —

आज प्रभु का मनोहारी श्रृंगार और दिव्य झाँकी। घर बैठे भी श्रद्धा से दर्शन करें और दिन की शुभ शुरुआत प्रभु के आशीर्वाद के साथ करें।

🙏 जय श्री चारभुजा नाथ जी 🙏
नित्य सेवा

आरती एवं दर्शन का समय

मंदिर खुलने का समय 05:00 AMमंदिर बंद होने का समय 10:00 PM
हिन्दू कालगणना

आज का पंचांग

🪷 आज का पंचांग

आज का शुभ विचार
आज का पर्व / व्रत

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उत्सव एवं महोत्सव

आगामी धार्मिक आयोजन

अगले महोत्सव में शेष

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00घंटे
00मिनट
00सेकंड
20Oct 2026

विजयादशमी एवं दशहरा महोत्सव

📅 20 October 2026 🕒 शाम 6:00 बजे

पावन विजयादशमी के अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक आयोजन, पूजा एवं महाआरती का आयोजन किया जाएगा।

विवरण देखें →
6Nov 2026

धनतेरस एवं धन्वंतरि पूजा

📅 6 November 2026 🕒 शाम 6:00 बजे

धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि एवं माता लक्ष्मी की पूजा।

विवरण देखें →
8Nov 2026

दीपावली एवं महालक्ष्मी पूजन

📅 8 November 2026 🕒 शाम 6:00 बजे

दीपोत्सव, महालक्ष्मी पूजन एवं विशेष आरती।

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पर्व कैलेंडर

सनातन पर्व एवं उत्सव

धनतेरस

धनतेरस के पावन अवसर पर धन्वंतरि भगवान और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है।

नरक चतुर्दशी

यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय और दीपोत्सव की परंपरा का प्रतीक है।

दीपावली

दीपों का महापर्व, जो प्रकाश, खुशियों और समृद्धि का संदेश देता है।

गोवर्धन पूजा

इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला का स्मरण और अन्नकूट पूजा की जाती है।

भाई दूज

यह पर्व भाई-बहन के प्रेम और स्नेह के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है।

देवउठनी एकादशी

इस पावन एकादशी पर भगवान विष्णु के योगनिद्रा से जागने की परंपरा मनाई जाती है।

आज का दिव्य संदेश
सेवा एवं दान

सेवा ही सच्ची भक्ति है

आपका छोटा-सा सहयोग भी प्रभु की सेवा में अर्पित होता है। अपनी श्रद्धा अनुसार किसी भी सेवा से जुड़ें।

ताज़ा सूचनाएँ

मंदिर समाचार

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इतिहास

मंदिर की गौरवशाली यात्रा

यात्रा मार्गदर्शन

मंदिर कैसे पहुँचें

मंदिर का पताबड़ा मंदिर चौक, 8JVW+C62, Harijan Basti, Sindhu Nagar, Purana Bhilwara, Bhilwara, Rajasthan - 311001
निकटतम रेलवे स्टेशनBhilwara Railway Station · 1.9 km
निकटतम बस स्टैंडRoadways Bus Stand · 1.8 km
निकटतम हवाई अड्डाThe Hamirgarh Airstrip · 20.7 km